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जनकृति पत्रिका का 'जून-जुलाई सयुंक्त अंक ' आप सभी के समक्ष प्रस्तुत है. अंक में प्रकाशित सभी सामग्री को बायीं और स्तंभ में पढ़ा जा सकता है. पत्रिका के अगस्त अंक (थर्ड जेंडर विशेषांक) हेतु  आलेख 30 अगस्त से पूर्व jankritipatrika@gmail.com पर मेल करें. 

आपकी प्रतिक्रया

विषय- सूची

 

जनकृति (विमर्श केंद्रित अंतरराष्ट्रीय मासिक ई पत्रिका)                                                   ISSN 2454-2725

Vol.2, issue 16-17, June-July  2016.                                        वर्ष 2, अंक 16-17, जून-जुलाई 2016.

 

साहित्यिक विमर्श  (कविता, नवगीत, कहानी, लघु-कथा, व्यंग्य, ग़ज़ल, संस्मरण, आत्मकथा, पुस्तक समीक्षा, आप बीती, किस्से कलम के)

कविता

बृजेश नीरज, डॉ. राजेश मून, हरदीप सबरवाल, कविता कृष्णपल्लवी, ललित कुमार मिश्र, निदा नवाज़, निर्मल गुप्त, परितोष कुमार ‘पीयूष’, राकेश कुमार श्रीवास्तव, संदीप तोमर, सुशांत सुप्रिय, तेजस पूनिया

 

नवगीत

कल्पना मनोरमा, राघवेंद्र तिवारी

 

ग़ज़ल

नवीन मणि त्रिपाठी, प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव 

 

कहानी

मोहरा: आलोक कुमार सातपुते

आसरा: किरण राजपुरोहित नितिला

बड़का साहब: नवीन सिंह

नागफानियों के बीच: संतोष श्रीवास्तव

 

लघुकथा

बोहनी: डॉ. अर्पणा शर्मा

थाती: डॉ. अर्चना श्रीवास्तव

अथ श्री अन्याय निवारण कथा: डॉ. पुष्पलता

अछूत: प्रदीप कुमार साह

 

पुस्तक समीक्षा

प्रेमचंद के उपन्यासों में ग्रामीण चेतना: समीक्षा: अमर कुमार चौधरी

लौटना है फिलवक्त जहाँ हूँ (कविता संग्रह- पारुल पुखराज): अनिरुद्ध उमट

नाच्यो बहुत गोपाल: अनुराग कुमार पाण्डेय

वेश्या एविलन रो का उपाख्यान: ब्रेख्त की कविताएँ ( अनुवाद-वीणा भाटिया): भारत कालरा

बौद्ध धर्म: नयी सदी-नयी दृष्टि (संपादक- डॉ. पुनीत बिसारिया, सह-संपादक- डॉ. राजनारायण शुक्ल): डॉ. राम भरोसे

तूने सबकुछ ही दिया ज़िन्दगी: ग़ज़ल कविता सप्तक (साझा संग्रह): एम.एम. चन्द्रा

सरहदें (सुबोध श्रीवास्तव): ऋषभदेव शर्मा

 

व्यंग्य

योग के बहाने: आरिफा एविस

ईमानदारी का राजधर्म: अरविन्द कुमार

 

संस्मरण

डॉ. रमा रानी

 

डायरी

जिंदा होने का सबूत: एक विश्लेषण: समीक्षा: अमर कुमार चौधरी

 

आप बीती

आज कल में ढल गया: संजय वर्मा

 

किस्से कलम के

जयनंदन: व्यक्तित्व और कृतित्व: गोपाल प्रसाद

 

अनुवाद

अनुवाद एक प्रायोजमूलक कर्म है या भावनात्मक कला है? : अनिता देवी

मेरी बदनाम किताब: राम स्वरुप अनखी: निर्भय सिंह द्वारा पंजाबी से हिंदी अनुवाद

 

रंग विमर्श

मुद्राराक्षस के नाटक ‘तिलचट्टा’ और ‘संतोला’ में स्त्री-पुरुष संबंध: पुष्पा मीना

 

मीडिया विमर्श

आमुख समाचार-दुर्ग का प्रवेश द्वार है: डॉ. मुकेश कुमार शुक्ल

जानने की इच्छा और समाचार पत्र- एक अध्ययन: डॉ. नीरज कर्ण सिंह

हिंदी पत्रकारिता एवं भाषा: डॉ. सुरेखा शर्मा

न्यू मिडिया में हिंदी साहित्य की उभरती प्रवृत्तियां: शैलेश  

 

दलित एवं आदिवासी विमर्श

आदिवासी: भाषा, संस्कृति और अस्तित्व का प्रश्न: अजय कुमार चौधरी

ऐतिहासिक व सवैंधानिक परिप्रेक्ष्य में आदिवासी चिंतन: आलोक कुमार सिंह

समकालीन आदिवासी कविता: सदी की नयी आवाज़: अपर्णा वर्मा

औपन्यासिक परिदृश्य में आदिवासी संस्कृति की भव्यता का नव्यता में संक्रमण: डॉ. किरण ग्रोवर

भारतीय दलित साहित्य में मानवाधिकार: डॉ. रश्मि चतुर्वेदी

मिजोरम का लोक साहित्य: डॉ. वीरेन्द्र परमार

हिंदी साहित्य में दलित स्त्री और मानवाधिकार: प्रतिभा सरोज

हिंदी साहित्य में आदिवासी प्रतिरोध के स्वर: प्रो. उर्मिला पोरवाल 

 

स्त्री विमर्श

सिनेमा में औरत: असीमा भट्ट

आधुनिकता का उत्तर-आधुनिक संदर्भ और स्त्री विमर्श: अजय कुमार साव

छत्तीसगढ़ में स्त्री सशक्तीकरण की नई इबारत: अनामिका

स्त्री-विमर्श और निराला के स्त्री विषयक निबंध: पम्पी शर्मा

एक चादर मैली सी में नारी यथार्थ: सोनिया माला

कितना कुछ सह जाती है बेटियां: वर्षा कुमारी

 

बाल विमर्श

हिंदी कथा साहित्य में बाल मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अकेलेपन की समस्या का अध्ययन: मनीष खारी

बाल श्रम, विवशता बनी? : निशा मित्तल

 

भाषिक विमर्श

हिंदी में अंग्रेजी के आगत शब्दों का तुलनापरक अर्थ विश्लेषण: अम्बरीन आफताब

 

शोध आलेख

भयावह व बीभत्स के बरक्स मनोवांछित ‘प्रतिसंसार’: डॉ. अजीत प्रियदर्शी

मध्यकालीन सांस्कृतिक चिंतन और डॉ. रामविलास शर्मा: डॉ. आनंद कुमार यादव

महेंद्रभटनागर का काव्य: सामाजिक समता, संघर्ष और विश्व-निर्माण का पथ: डॉ. मोहसिन खान

संस्कृति में साहित्य और इतिहास का अंतर्विषयक संदर्भ और समकालीनता: डॉ. प्रकाशचन्द्र भट्ट

पाश्चात्य दर्शन में व्यक्ति और समाज: डॉ. सारिम अब्बास

1857 की साहित्यिक अभिव्यक्ति के रूप: डॉ. वाजिद रशीद खान

प्रवासन, सामाजिक-आर्थिक उत्प्रवाह और विकास: ईश शक्ति सिंह

संजीव के उपन्यासों में धर्म और नैतिकता संबंधी अवधारणा: करम हुसैन

निराला की कविताओं में प्रेम की प्रगतिशीलता: मीना कुमारी

इंसानियत को पुकारती मंटो की कहानियाँ: निकिता जैन

पूरन सिंह और व्हिटमैन के काव्य में प्रेम: तुलनात्मक अध्ययन: प्रोफ़ेसर (डॉ.) हरदीप सिंह

अज्ञेय की रचना प्रक्रिया संबंधी कविताओं का आलोचनात्मक अध्ययन: शौर्यजीत सिंह

क्षमा की उपयोगिता एवं शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य: शोएब हसन, अरुण प्रताप सिंह

अखिलेश की कहानियाँ और यथार्थ की अवधारणा: सुबोध ठाकुर

संस्कृत साहित्य का वैश्विक परिदृश्य: अरुण कुमार निषाद

  

नव लेखन

मानव सभ्यता का प्रथम पालना की खोज-जीव व मानव की गाथा: डॉ. श्याम गुप्त

अमरीकी कविता: शैलेन्द्र चौहान

मयस्सर पानी नहीं सभी के लिए: शम्स तमन्ना

रेत में नहाए मन का कवि: हरीश भादानी: वीणा भाटिया

फास्ट फूड स्वाद में प्यारे पर दुश्मन हमारे- बाल मुकुंद ओझा

 

 

आवरण चित्र: अजय रोहिल्ला

 

 

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कमरा संख्या 29, गोरख पाण्डेय छात्रावास
महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
वर्धा- 442005, महाराष्ट्र