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हिंदी पत्रिका विशेषांक आप सभी के समक्ष प्रस्तुत है. अंक में प्रकाशित सभी लेख विशेषांक स्तंभ के अंतर्गत पढ़े जा सकते हैं. यह अंक का प्रथम भाग है, द्वितीय भाग हेतु आप  हिंदी साहित्यिक पत्रिकाओं, उनके संपादकों, संपादकीय, विशेषांक एवं उनके योगदान पर लेख 22 नवम्बर से पूर्व jankritipatrika@gmail.com पर मेल करें. द्वितीय भाग 25 नवम्बर को प्रकाशित होगा.  

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'हिंदी पत्रिका विशेषांक' 

[सभी लेख विशेषांक स्तंभ के अंतर्गत पढ़े जा सकते हैं]

जनकृति (बहुभाषी अंतरराष्ट्रीय मासिक ई पत्रिका)                              ISSN 2454-2725

Vol.2, issue 19-20, September-October 2016      वर्ष 2, अंक 19-20, सितंबर-अक्टूबर 2016.

 

 

साहित्यिक हिंदी पत्रिका: संदर्भ

पाठक वर्ग का प्रसार और ‘सरस्वती’: डॉ. आनंद कुमार शुक्ल

सरस्वती तथा नागरी प्रचारिणी सभा: अनुमोदन से अनुमोदन के अंत तक: डॉ. देवेंद्र कुमार

मुंबई की हिंदी साहित्यिक पत्रिकाएँ: डॉ. मोहसिन खान

विंध्य में साहित्यिक पत्रकारिता का दौर: अनिल अयान

‘वसुधा’ (कैनेडा से प्रकाशित हिंदी साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका):  संपादक स्नेहा ठाकुर

‘इंदु संचेतना’: चीन से निकलने वाली हिंदी साहित्य की त्रैमासिक सृजन परिक्रमा: बिनय शुक्ल

आर्यसमाज: हिंदी पत्रकारिता का स्वर्णिम कलश: डॉ. किरण ग्रोवर

दबे कुचलों की आवाज़ को बुलंद करती पत्रिका- लोकतंत्र का दर्द: उमेश चंद्र सिरवारी

बाल साहित्य में बाल पत्रिकाओं का योगदान: उमेश चंद्र सिरवारी

विकास का अनूठा आयाम-गुजरात की दलित पत्रकारिता: डॉ. नयना डेलीवाला

‘प्रकाशस्तंभ’- ‘समावर्तन’ (मासिक): शोभा जैन

संयोग साहित्य के दो दशक: डॉ. उमेश चंद्र शुक्ल

 

साहित्यिक हिंदी पत्रिका: संपादक एवं संपादकीय

राजेन्द्र यादव: साहित्य-सरोवर का हंस: ओमप्रकाश कश्यप

रामविलास शर्मा और समालोचक: बिजय कुमार रबिदास

अजातशत्रु संपादक आचार्य शिवपूजन सहाय: वीरेन्द्र परमार

‘कल्पना’ का उद्देश्य संपादक की नज़र से: प्रदीप त्रिपाठी

 

हिंदी पत्रिका: अंक विशेष

‘युद्धरत आम आदमी’ में दलित अस्मिता का सवाल: अजय कुमार यादव

वैचारिक नागरिक का सजग दस्तावेज- ‘बहुजन वैचारिकी’: शैलेन्द्र कुमार शुक्ल

सृजन का मिल का पत्थर: खट्टे मीठे रिश्ते (प्रयास पत्रिका, कैनेडा): संजय वर्मा

नई सदी का कथा समय: ‘हिंदी चेतना का विशेषांक’: डॉ. उमा मेहता

‘कल्याण’ सेवा अंक- सेवा और आत्मोद्धार: डॉ. हेमलबहन एम. व्यास

 

हिंदी पत्र-पत्रिका: एतिहासिक यात्रा एवं योगदान

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी पत्रिकाओं की क्रन्तिकारी भूमिका: मनीष खारी

भारतेंदु युग की हिंदी पत्रिका: प्रो. हरदीप सिंह

हिंदी प्रचार-प्रसार में पत्र पत्रिकाओं की महती भूमिका: सपना मांगलिक

राष्ट्रीय आंदोलन भूमि और हंस: सुमित कुमार झा

हिंदी नाट्यलोचन और ‘नटरंग’: प्रो. उर्मिला पोरवाल सेठिया

उज्जैन की ख्याति प्राप्त पत्रिका और समाचार पत्र: संजय वर्मा

अपनों से ही हार रही हिंदी पत्रकारिता: डॉ. समीर प्रजापति

भारतेंदु युगीन हिंदी पत्रकारों की दायित्वपूर्ण भूमिका: के सुवर्णा

‘मधुकर’ का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अवदान: डॉ. उषा सिंह एवं एच.पी. सिंह

 

हिंदी पत्रिका: वर्तमान स्वरुप

आज के दौर में पत्रिकाएँ: वंदना गुप्ता

जबलपुर की वेब पत्रकारिता और साहित्य तथा समाज में उसका योगदान: विवेक रंजन श्रीवास्तव

   

अतिथि संपादक: आशीष कंधवे

मुख आवरण: कमल जोशी

 

 

  

 

 

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9503117270
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कमरा संख्या 29, गोरख पाण्डेय छात्रावास
महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय
वर्धा- 442005, महाराष्ट्र